गहन उतर कर खुद से खुल कर
मुक्त भाव से ....खुद से जुड़कर
स्वर लहरी संग लहर लहर बन
आत्म स्वरों में पल पल रूक कर
मन से हट कर म ...न...बन कर
सुनो सुनो अंतर स्वर ..... गुंजन
ॐ ॐ ये ॐ ॐ है ॐ ॐ ही ईश्वर दर्शन
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