#मौन_ही_ईश्वर_रूप
कभी देखना मुझे मेरे शब्द-भावों बिना
कभी देखना मुझे पूरा खाली खाली
क्या है सचमुच कोई मुझमे ...मुझसे ....मेरे जैसा
जो दिखता हूँ मैं.....
मेरा खालीपन ही मेरा सच .....
कुछ रंग बिखरे बिखरे मिल जाएँगे
बस यही है मेरा सच
मुसकुराते हैं मेरे साथ ये सब रंग
शब्द तो अक्सर सायास ही बुलाता हूँ
रंग अनायास हाथ में देते हैं कूँची
बहुत कुछ बोलते हैं मौन
मौन ही होता है सबसे बड़ा सच
अंदर ही अंदर खोलता हुआ
उधेड़ता हुआ ....
झूठे धागे पक्की गिरह नहीं बांधते
गिरह भी झूठी ही होती
खुल जाती है कभी भी ...
किसी के सामने ....
सच का धागा सच्चा - पक्का
छोटा हो चाहे .....बांधे रखता है
मौन को बुनना पड़ता है
मौन को सुनना पड़ता है
मौन ही सृजन बीज
मौन ही ईश्वर रूप
सुनो दस्तक हर लम्हा ....
मौन का ही सच सुनाई देगा ....
मौन ही सच्ची राह देगा ....
मन मौन ...
बस....म.....न......

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