Wednesday, 15 May 2024

शान्त ध्यान

 

आदिदेव शिव सत्यं सुन्दर 

शांत ध्यान के अनुभव में... 


शांति ध्यान में प्रवेश करने के लिए, आपको पहले अपने वातावरण को शांत और सुसंगत बनाना होगा। फिर आप ध्यान के लिए एक आरामदायक आसन में बैठें और अपने श्वास को ध्यान केंद्रित करें। मन को साकार या निराकार चित्रों से विचलित नहीं होने दें। ध्यान में, श्वास को समय-समय पर ध्यान केंद्रित करके और मन की चंचलता को ध्यान में लाने के लिए मंत्र, ध्यान या शांति की शब्दावली का उपयोग करें। अवस्थित रहें और अपने मन को ध्यान में स्थिर रखें, जब आप विचलित हों।

मंत्र, ध्यान या शांति की शब्दावली का उपयोग मन की चंचलता को ध्यान में लाने में मदद करता है। 

  • ओम् (Om): यह ध्यान और मन की शांति के लिए प्रमुख मंत्र है। आप इसे ध्यान में बैठकर बार-बार जप सकते हैं।
  • सो हम (So Hum): इस मंत्र का अर्थ है "मैं वह हूँ"। जब आप साँस लेते हैं, आप अंतरात्मा को 'सो' और बाहरी जगत को 'हम' के रूप में महसूस कर सकते हैं।
  • शांति (Shanti): इस शब्द को मन्त्र के रूप में उपयोग करके आप अपने मन को ध्यान में ला सकते हैं। इसे ध्यान में बैठकर सिर से नीचे की ओर जपते हुए महसूस करें।
  • शांति से भरा वाक्य (Peaceful Affirmations): आत्मविश्वास और शांति को बढ़ावा देने वाले वाक्यों का उपयोग कर सकते हैं, जैसे "मैं शांति से पूर्ण हूँ" या "मेरे मन की शांति है।"

याद रखें, मंत्र या ध्यान को सुनने या जपने के दौरान मन को ध्यान में रखना होता है, और ध्यान को नियमित अभ्यास में लाना होता है।

  • ध्यान और मेधा शक्ति का अभ्यास: ध्यान के माध्यम से अपने मन को शिव ध्यान में लाएं। 
  • पूजा और अर्चना: नियमित रूप से पूजा और अर्चना करें, जैसे कि शिवलिंग की पूजा, रुद्राभिषेक, और शिव स्तोत्रों का पठन करें।
  • सत्संग : शिव भक्तों के संग सत्संग करें।
  • स्वाध्याय: शिव पुराण, उपनिषद, और अन्य साहित्य का अध्ययन करें और उनकी गहराई को समझें।
  • नियमित अभ्यास: अपने अभ्यास में नियमित ध्यान, प्राणायाम, और आध्यात्मिक साधना करें।
  • सेवा: शिव भक्तों की सेवा, समर्थन और साझेदारी करें।

इन तरीकों का अनुसरण करके, हम शिव अर्थात  कल्याण भाव को अपनी अंतरात्मा में शिव अनुभूति को जागृत कर सकते हैं।

इति शुभम् 



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