Tuesday, 20 February 2024

है मेरा अलग अंदाज़

 है मेरा अलग अंदाज

.....वक़्त को टटोलता हूँ

है इक अल्हदा मिज़ाज़

....खुद से ज्यादा बोलता हूँ

है कोई आवारा बाम

....खामोश दर खोलता हूँ

है ज़ुनूने रंगे- सहर

.... शबे-ख्वाब मैं बटोरता हूँ

है यही मेरा अक्से- सच

..... झूठे आईने तोड़ता हूँ


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