तेरे फरमान के मैं नाम लिख रहा हूँ
पढ़ सको जितना भी पढ़ना ख़ुलूस को
तेरे अरमान के मैं नाम लिख रहा हूँ
बंध गया हूं इक डोर जो चाहत है तेरी
तेरे इज़हार के मैं नाम लिख रहा हूँ
दूर तकता है साहिल तेरे नाम की मौज़
तेरे इंतज़ार के मैं नाम लिख रहा हूँ
देख लो मेरे अक्स में भी तेरा साया है

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