Saturday, 2 November 2024

आत्म दर्शन

मेरे ज़हन में जो बिंब हैं
मेरे गहन प्रतिबिंब हैं
कुछ अवतरित नव कल्प में
कुछ अनवरत संकल्प हैं
नव साधना की राह में
प्रतिरूप में विकल्प हैं
कुछ हैं सहज मुस्कान संग
कुछ हैं नई पहचान संग
कुछ हैं स्पर्श अभिज्ञान के
कुछ चेतना विस्तार के
नव बोध जीवन साधना
दर्शन सहज आराधना


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