मेरे ज़हन में जो बिंब हैं
मेरे गहन प्रतिबिंब हैं
कुछ अवतरित नव कल्प में
कुछ अनवरत संकल्प हैं
नव साधना की राह में
प्रतिरूप में विकल्प हैं
कुछ हैं सहज मुस्कान संग
कुछ हैं नई पहचान संग
कुछ हैं स्पर्श अभिज्ञान के
कुछ चेतना विस्तार के
नव बोध जीवन साधना
दर्शन सहज आराधना
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